Friday, June 18, 2021

मछली के शिकार में रोक बावजूद मस्तुरी मत्स्य विभाग के मिलीभगत से तालाबो में हो रहा धड़ल्ले से शिकार

जिले बिलासपुर के मस्तुरी जनपद पंचायत क्षेत्र के तालाबो में जमकर हो रहा मछली का शिकार, लेनदेन कर मत्स्य विभाग के अधिकारी दे रहे शिकार की इजाजत   

   प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा मस्तुरी। 18 जून 2821,जिले बिलासपुर के जनपद पंचायत मस्तुरी क्षेत्र के ग्राम पंचायतो के तालाबो में इन दिनों जमकर मछली का शिकार किया जा रहा है। उच्च न्यायालय व कलेक्टर ने मछली के शिकार पर सख्त पाबंदी के आदेश जारी किये है, लेकिन मस्तुरी मत्स्य विभाग में बैठे अधिकारी इस मामले में किसी भी प्रकार की ना ही जांच की जा रही है और ना ही कार्यवाही कर रही है। जिसके चलते क्षेत्र के तालाबो में खुलेआम सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण मछली का अवैध शिकार करने एकजुट हो रहे है और सैकड़ो क्विंटल मछली का शिकार कर रहे है। जिसके चलते शासन को लाखो के राजस्व की हानि हो रही है। मस्तुरी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पाराघाट,मस्तूरी,खैरा, कौड़िया, रलिया, हरदाडीह, रॉक, मल्हार, जोन्धरा सहित सीपत क्षेत्र के भी कई दर्जन ग्राम पंचायतों धड़ल्ले से मछली मारने का कार्य किया जा रहा हैंं। जबकि शासन द्वारा जनपद व नगर पंचायत द्वारा अधिकृतो समूहों को ही मछली पालन के लिए तालाबो का आबंटन किया गया है बावजूद इसके अवैध रूप से मछली पालन व उनका शिकार किया जा रहा हैै। इसी तरह नगर पंचायत मल्हार में नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा तालाबो को मछली पालन के लिए 8 तालाबो को मछली पालन के आबंटन किया गया था जिसके खिलाफ नगर पंचायत के ही व्यक्ति द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया थाा। जिसके बाद हाईकोर्ट ने उन सभी तालाबो में मछली पालन एवं जाल न मारने स्पस्ट आदेशित किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन सभी तालाबो को स्वयं नगर पंचायत निकाय अपनी अभिरक्षा में रखे हुए है इसे लेकर नगर पंचायत कार्यालय में बाकायदा नोटिस भी चस्पा किया गया है। बावजूद इसके इन तालाबो में मछली पकड़ने का काम किया जा रहा है। इस मामले के बाद पात्र मछली पालको को मछली पालन करने से रोक दिया गया है जबकि मत्स्य विभाग के अधिकारियो से मिलीभगत कर कई पंचायतो के तालाबो में मछली मारने के लिए छुपे रूप से विभागीय अधिकारियो ने हामी भरते हुए मछली मारने की सहमति दी है जिसके बाद से ग्राम पाराघाट, मस्तूरी, खैरा, कौड़िया, रलिया, हरदाडीह, रॉक, मल्हार, जोन्धरा सहित सीपत क्षेत्र के भी कई दर्जन ग्राम पंचायतों धड़ल्ले से मछली मारने का कार्य किया जा रहा हैं|  

पाराघाट पंचायत में 3 सालो से लगातार हो रहा मछली का आखेट :- ग्राम पंचायत पाराघाट में पिछले तीन वर्षो से मचली पालन का टेंडर रद्द है बावजूद इसके सरपंच की मौजूदगी में नियम विरुद्ध मछली का अवैध शिकार किया जा रहा है, पिछले तीन माह के दौरान दो दफे मछली मारने का कार्य किया गया जिसमे कई क्विंटल मछली मारा गया है| 

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