हौसलों की ऊंची उड़ान AVM स्टुडियो खमतराई रायपुर
के सृजनकर्ता संतोष कुर्रे
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा जांजगीर चांपा। 28 मई 2021, संतोष कुर्रे जांजगीर जिला के बम्हनीडीह ब्लॉक में बहेराडीह गांव में एक छोटे से बच्चे का जिसे गीत संगीत से बचपन से काफी गहरा प्रेम रहा। वे पढ़ाई लिखाई करते रहे साथ ही उम्र भी बढ़ता चला गया और साथ ही संगीत की चाह भी बढ़ती गयी। उन्होंने संगीत के लिए अपना प्रयत्न हमेशा जारी रखा। उनके जीवन में दिलीप षड़ंगी का भी साथ पाया साथ चाचा जी गोरेलाल बर्मन जी की भी अच्छी मित्राता प्राप्त हुई। समय के साथ टेप केसेट भी बनाने भी सबसे ज्यादा इनका ही योगदान रहा। कोरबा में भी बाबू जी काफी लंबे समय तक संगीत का काम करते रहे धीरे धीरे अपनी संगीत क्षेत्र का विस्तार करते हुए वे संतोष कुर्रे राजधानी जिले रायपुर के खमतराई ओवर ब्रीज के नीचे 1 कमरे में किराए से स्टूडियो का संचालन किये और बहूत से बेहतरीन गायकों को नया आयाम दिया। फिर भी खुद को बेहतर बनाने की चाह में मुम्बई भी संगीत के अलग अलग चीज को सीखने जाते रहे फिर आया वो वक्त जब AVM स्टूडियो का खुद का बिल्डिंग बनके तैयार हुआ। जिसका उतघाटन हुआ जिसमें सुंदरानी और तात्कालिक विधायक व गायक दिलीप लहरिया और बहूत से हस्ती सामिल हुए, फिर इस स्टुडियो ने मानो छत्तीसगढ़ में गीत सुनने का नजरिया ही बदल कर रख दी। इस स्टुडियो में बनने वाले गीतों की म्यूजिक क्वालिटी छ.ग. में सबसे उम्दा पाई गई, जिसकी म्यूजिक बेस की क्वालिटी 20 dj साउंड को एक साथ चलाने पर भी एक रत्ती नही फटती न कटती है मानो छः ग. में संगीत का लहर सा छा गया। दिलीप रॉय सरला गंधर्व सशी रंगीला भोला दीवाना, गोविन्द सोनवानी वीरेंद्र चतुर्वेदी अमित कमल कोसले जैसे सिंगर ने धूम मचा दिए रातों रात स्टार बन गए ।क्योंकि इस स्टुडियो की म्यूजिक का छः ग में किसी के पास कोई तोड़ नही था, और फिलहाल है भी नही अपने निर्माण से अभी तक पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा हिट गाने देने का रिकॉर्ड भी (यु ट्यूब के हिसाब से) AVM के पास ही हैै। जबकि इस स्टूडियो की खासियत ये है कि दूसरे स्टूडियो के जैसे यहाँ ज्यादा म्यूजिक रेकॉर्डिंग का चार्ज भी नही लगताा। ये आयाम 1 छोटे से गांव में जन्मे संतोष कुर्रे ने अपने दिन रात के मेहनत से बनाया न जाने वो कई कई रातों तक अपने सपने पूरे करने के लिए सोते भी नही थेे। सच कहा है किसी ने अगर किसी चीज को पाने का जुनून हो इंसान में तो क्या कुछ नही कर सकता हमने अनेक उदाहरण देखे है। उनमें बड़ा उदाहरण मैने बाबू जी के रूप में देखा है क्योंकि मेरा गांव उनके ग्राम से थोड़े से दूर में जुड़ा है। आज उन्हें मजबूती देने के उनका पूरा परिवार उनका साथ देता है। जिसमे ऑफिस मैनेजिंग का काम मंझले बेटे रवि कुर्रे और रिकॉडिंग का काम बड़े बेटे राकेश कुर्रे वीडियो शूट छोटे बेटे दीपक कुर्रे करते है और अपने AVM परिवार को मजबूत बनाये हुए है। अगर सच कहा जाए तो छत्तीसगढ़ की सिल्वर जुबली मूवी हंस झन पगली फस जाबे को हिट कराने में सबसे ज्यादा इनका ही हाथ है
और वर्तमान में भी यह स्टुडियो अपनी महान कीर्तिमान रच रहा है। गीतकार प्रदीप दिवाकर के कलम से विशेष रूप से उल्लेख किया गया हैं।
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