Friday, June 18, 2021

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के महा सदस्यता व महिला जागरूकता अभियान के लिए बालोद जिले गुंडरदेही तहसील के साहू सेवा सदन में मीटिंग का आयोजन

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के महा सदस्यता व महिला जागरूकता अभियान के लिए बालोद जिले गुंडरदेही तहसील के साहू सेवा सदन में मीटिंग का आयोजन 
  प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 18 जून 2021, गुडरदेही बाजार चौक साहू सदन में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत का संदेश एवं उनके उद्देश्य को जन जन तक पहुंचाने के लिए महिला जागरूकता अभियान के स्वरुप में एक दिवसीय कार्यशाला एवं सदस्यता अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें हमारे मुख्य अतिथि के रूप में महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गितेश्वरी बघेल, एवं विशिष्ट अतिथि रोहित परियार थाना प्रभारी गुडरदेही,तथा कार्यक्रम में विजय देशलहरे की अध्यक्षता के अलावा सम्मीय केशव चंद्राकर जी दुर्ग जिला अध्यक्ष , खेमराज पाटिल,जिला कार्यकारिणी सदस्य , कवि दास बघेल, जिला कानूनी सलाहकार नीलमणि देवांगन , एवं ओमबाई साहू के सानिध्य में महिला जागरूकता एवं सदस्यता अभियान का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें आये अतिथियों का भव्य स्वागत सम्मान किया गया। आऐ अतिथियों ने अपने उद्बोधन में महिलाओं एवं बच्चों, के अलावा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की जानकारी बखुबी से दिया जिसमें 
महिलाओं के ऊपर होने वाले अन्याय अत्याचार उत्पीड़न से डरें नहीं लड़े कहते हुए थाना प्रभारी ने महिलाओं को बताया की प्रत्येक नागरिक को जो जीवन जीने का अधिकार है वहीं हमारी मौलिक अधिकार है सती प्रथा,बाल विवाह, दहेज प्रताड़ना, घुंघट प्रथा जैसे प्रथाओं को महिला प्रताड़ना ,को मौलिक अधिकारों का हनन बतलाते हुए उपस्थित महिलाओं को जागरूक किया। साथ उपस्थित महिलाओं को कुछ बातें पर सवाल पुछने कहा जिनका उत्तर भी बखुबी से थाना प्रभारी ने महिलाओं को दिया।तथा इस तरह की जागरूकता में अपनी समय देने की बात कही। 
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सांगेश कुमार भाठी आदेशानुसार संगठन के उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की कोने कोने में राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन की टीम गठन करने का जिम्मा उठा कर छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ श्री विजय कुमार देशलहरे छत्तीसगढ़ संगठन प्रभारी श्री पुनीत राम सेन जी प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ श्रीमती गीतेश्वरी बघेल, दुर्ग जिले के संगठन प्रभारी केशव चंद्राकर, दुर्ग जिला अध्यक्ष खेमराज पाटिल , जिला कार्यकारिणी सदस्य कवि दास बघेल , जिला कानूनी सलाहकार नीलमणि देवांगन, इत्यादि संगठन के सदस्य शामिल हुए थे मीटिंग का आयोजन बालोद जिला गुंडरदेही तहसील के बाजार चौक साहू सदन में पुनीत राम सेन के द्वारा  कार्यक्रम आयोजित किया गया गुडरदेही क्षेत्र अंतर्गत के सैकड़ों महिलाएं उपस्थित हुई थी जिसमें रत्नप्रभा साहू माधुरी साहू प्रतिमा देशलहरा सुनीता साहू यशोदा साहू प्रभात चंद्राकर देवबती देवरी रुकमणी साहू इत्यादि महिलाएं शामिल हुई थी मीटिंग में गुंडरदेही क्षेत्र थाना प्रभारी रोहित माल उपस्थित हुए थे उन्होंने मीटिंग में उपस्थित समस्त महिलाओं को उनके अधिकारों तथा वे कानून से किस प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं इसके बारे में जानकारी प्रदान की उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या अपराध है 12 वर्ष के कम उम्र की लड़कियों एवं बालिकाओं का यदि शारीरिक शोषण किया जाता है तो सीधे मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है नाबालिक स्त्रियों के साथ में यदि शारीरिक शोषण किया जाता है तो उनके लिए पास्को एक्ट के तहत 20 साल के कारावास का प्रावधान है यदि किसी महिला को उसका पति त्याग देता है तो आईपीसी की धारा 125 के तहत उनसे भरण पोषण प्राप्त करने के हकदार है संविधान में हमें जिन मौलिक अधिकारों की प्राप्ति हुई है उनके बारे में विशेष चर्चा हुई संगठन  प्रभारी पुनीत सेन  के द्वारा मीटिंग में बालोद जिला की सैकड़ों महिलाओं को आमंत्रित किया गया था उन्हें राष्ट्रीय मानव अधिकारी एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए समाज में सिर उठाकर जीने के रास्ते बताए गए संगठन में जुड़कर हम सब मिलकर अपने व दूसरों को भी सहायता प्रदान कर सकते हैं राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष  गीतेश्वरी बघेल जी के द्वारा महिलाओं को संगठन से जोड़ने का आग्रह किया गया उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के भाग 3 में मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12 से लेकर के 35 तक मनुष्य को जो मौलिक अधिकार दिए गए हैं वह प्रत्येक नागरिक को सर उठा कर जीने का अधिकार देता है की स्वतंत्रता के साथ शिक्षा का अधिकार देता है धर्म की स्वतंत्रता प्रदान करता है कहा उपस्थित समस्त नागरिकों के लिए एक ऊर्जा के रूप में सूर्य के प्रकाश के रूप में जागृत होने और डटकर आसपास हो रहे अन्याय अत्याचार शोषण के खिलाफ एक होकर संघर्ष करने की भी बात बताई। संगठन के उद्देश्यों को बतलाते हुए कहा की हम सब मिलकर भ्रष्ट्राचारी, रिश्वतखोरी, कालाबाजारी, कन्या भ्रूण, जैसे सामाजिक बुराईयों एवं पर्यावरण संरक्षण ,मजदूरी कराने के बाद मजदूरी नहीं देने वालो के खिलाफ कार्यवाही कराने की बात कही और अपराध मुक्त समाज की स्थापना करने जैसे मूलभूत उद्देश्यों को  प्रत्येक नागरिकों को उनके अधिकारों से अवगत कराना तथा उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने में उनकी सहायता प्रदान करना है यहां प्रत्येक गांव प्रत्येक घर प्रत्येक समाज में महिला तथा पुरुष शोषित है पीड़ित है कष्ट भूखे हैं किसी के घर में घरेलू हिंसा हो या फिर किसी के घर में दहेज प्रताड़ना , अनैतिक संबंधों का जाल, शराब पीकर मारपीट करना जैसे समस्याओ को समाज का हर वर्ग आज पीड़ित है  इसमें इसमें राष्ट्रीय मानव अधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन अंधेरे में सूर्य की भांति प्रकाशित होते हुए उभरा है आज के मीटिंग में उपस्थित समस्त महिलाओं ने मीटिंग में कही गई 11 बातों को आत्मसात किया तथा आगे बढ़कर संगठन में जुड़ने के लिए तैयार भी हुई हैं आज हमारे संगठन में कम से कम 10 आवेदन आए थे जो प्रधानमंत्री आवास योजना के 4 साल से चक्कर काट रहे हैं राशन कार्ड के लिए चक्कर काट रहे हैं आवास भूमि के लिए चक्कर काट रहे हैं स्कूल के लिए चक्कर काट रहे हैं रोजगार के लिए चक्कर काट रहे हैं और शासन-प्रशासन के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं आज महिलाएं घर से निकलने के लिए मजबूर हो रही हैं आमदनी कम खर्चा ठीक है बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है क्योंकि उनके पास ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए मोबाइल सुविधा नहीं है दबे कुचले लोगों की सुनवाई हेतु किसी भी प्रकार की कारवाही सरकार के द्वारा नहीं की जा रही है हमारे राज्य के प्रत्येक स्तर पर सरकार की योजनाएं सिर्फ और सिर्फ रह जाती है जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन हो जाता है एक अकेला व्यक्ति अपनी आवाज बुलंदकरता है तो उसके आवाज को बड़े ही आसानी से दबा दिया जाता है कोई उनके उनका साथ देने के लिए उनके साथ खड़ा भी नहीं होता इस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं जागरूकता संगठन के प्रत्येक सदस्य एक सक्रिय भूमिका निभाते हुए उनके साथ में खड़े होकर के उन्हें न्याय दिलाने के प्रयत्न में जुटे हैं राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के द्वारा किए गए आज राज्य के पूरे 28 जिलों में गूंज रहे हैं और राज्य के कोने-कोने से लोग राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन में जोड़ रहे हैं  तथा हमारे संस्थापक महोदय के सदस्यता अभियान के तहत उन्हें राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के सदस्य के रूप में नियुक्त किया जा रहा है।
1 सुषमा गायकवाड़ गोडेला, 2 रत्ना प्रभा साहू ग्राम खुरसुनी, 3 पुष्पलता नागवंशी बोरगहन, 4 महेश्वरी साहू  बोरगहन,माधुरी साहू खपरी,5 यशोदा साहू राहुद, 6  पदमा साहू बेलोदी, 7 उषा बेलोदी, 8मालती बाई  बेलोदी , 9 झामिन  देशमुख सकरोद,10अश्वनी साजा, 11 गायत्री साहू राजनाद गांव,12 रमलाबाई जोशी देवर,   13 मीना बाई देवर, 14  वंदना साहू अचोद , 15 डिलेशवरी साहू, 16 देवबती बाई  देवरी ,17 केशर साहू पलारी, 19 प्रभा चंद्राकर अचौद, 20 शीला सुपहा पुणडा, 21 रुकमणी साहू खुटेरी, 22 हेमलता भटगांव, 23 किरण सागर कुंड, 24 प्रतिमा बोरगहन, 25 जानकी पेड़ी, 26 पितेशवर साहू किलेपार,
27 भारती साहू , 29 दीपक निर्मलकर पैरी, 30 गंगोत्री यादव पैरी, 31 सुनीतासाव पैरी शामिल हैं।

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