Monday, March 29, 2021

प्रथम महिला सांसद ममतामयी मिनीमाता जी की जयंती मनाई गई

        प्रथम महिला सांसद ममतामयी मिनीमाता
            जी की जयंती मनाई गई
     
  प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 30 मार्च 2021,        छत्तीसगढ़ के प्रथम महिला सांसद एवं गुरुमाता ममतामयी मिनीमाता जी की जयंती विभिन्न स्थानों पर उनके अनुयायियों द्वारा मनाई गई। ममतामयी मिनीमाता जी ने पूर्णिमा के मध्यरात्रि में सन 1913 को असम प्रांत के जमनामुख दौलगांव में जन्म ली । फलस्वरूप सतनामी समाज होली के दिन मिनीमाता जी‌ की‌ जयंती सदियों से मनाते आ रहे  हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ के महान संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की सुपुत्री सहोद्रा माता की दो दिवसीय झांपी दर्शन मेला का आयोजन  प्रति वर्ष ग्राम डुमहा (भंडारपुरी) तहसील आरंग जिला रायपुर में ‌किए जाते रहे हैं। ‌वहां होली और नवरात्रि पर्व भी नहीं मनाई जाती हैं। माता सहोद्रा की पूजा आराधना की जाती रही हैं।
 सतनाम धर्म के गुरुवंशज व चतुर्थ गुरुगद्दी नशीन सांसद गुरु अगमदास गोसाई की सहधर्मिणी मिनीमाता जी प्रथम महिला सांसद रायपुर 1952 में बनकर ऐतिहासिक कीर्तमान स्थापित की। वे प्रथम पंक्ति के राजनेताओं जिनमें महत्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरु, इंद्रा गांधी, डॉ.भीम राव अम्बेडकर, राजेन्द्र प्रसाद जैसे  लोंगो के साथ मिलकर स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लेकर राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की हैं। 
  11 अगस्त 1972 में विमान दुर्घटना से वे सतनाम महाज्योति में समाहित हो गई ।
 ऐसी वीरांगना कुशल प्रशासक प्रखर प्रवक्ता धर्मनिष्ठ मानवता की प्रतिमूर्ति ममतामयी मिनीमाता जी की अवतरण दिवस पर समस्त मानव समाज को अनन्य बधाई देते हुए उन्हे सत सत नमन की गई हैं ।
सर्व मानव समाज के लिए अपने जीवन पर्यन्त जन सेवा विकास उत्थान के क्षेत्र में निरंतर सार्थक प्रयास करती रही थीं। उनकी योगदान किए गए समाज उत्थान विकास नारी सशक्तिकरण सहित विभिन्न सहरानीय कार्यों को कभी भूलाई नहीं जा सकती हैं।
ममतामयी मिनीमाता जी के उत्तराधिकारी सुपुत्र गुरू विजय कुमार जी अगमधाम खडूवापुरी धाम तहसील सिमगा और संत गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म कर्म भूमि गिरौदपुरी धाम के गुरुगद्दी अशीन हो समाज की कुशल नेतृत्व करते आ रहे हैं।
उनके पुत्र जगतगुरू रूद्र कुमार जी केबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन में रहते हुए पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तर पर ऐतिहासिक सतनाम संदेश यात्रा के माध्यम से संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की सतोपदेश अमृत वाणी को जन जन तक पहुंचाने प्रचार प्रसार करते रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन में राज्य निर्माण के बाद मिनीमाता के नाम से महिला उत्थान के क्षेत्र में सम्मान स्थापित की जब कांग्रेस की सरकार थी,अब भी कांग्रेस की सरकार में मिनीमाता अमृत नल जल योजना की स्थापित की गई हैं।

                   

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