Tuesday, March 30, 2021

राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में रात में कर्फ्यू जारी दुकानों की टाइमिंग में हुआ बदलाव

राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में रात में कर्फ्यू जारी दुकानों की टाइमिंग में हुआ बदलाव

 

प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 30 मार्च 2021,  कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और उसके उप नगर बिरगांव में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है। रायपुर कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन ने रात में कर्फ्यू का आदेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक रायपुर और बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह बंद रखे जाएंगे। दुर्ग ADM ने भी जिले के शहरी क्षेत्रों और दुर्ग,भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरोदा नगर निगम क्षेत्र के लिए ऐसा ही आदेश जारी किया है। कलेक्टर के आदेश के मुताबिक बंद का यह आदेश पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टाेर पर लागू नहीं होगा। उसके अलावा सभी तरह की स्थायी अथवा अस्थायी दुकानों को रात 9 बजे के बाद बंद करना होगा। रायपुर और बिरगांव में होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को रात 10 बजे तक डायनिंग सर्विस देने की छूट रहेगी। रात 11.30 बजे तक यहां से भोजन की होम डिलिवरी की जा सकती है। उसके बाद इनका भी शटर गिराना होगा। दुर्ग जिले में होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट में डायनिंग, होम डिलिवरी और पार्सल सुविधा भी केवल रात 10 बजे तक ही जारी रह पाएगी। उसके बाद उन्हें भी बंद करना होगा। अगर किसी दुकानदार ने बंदी अथवा कोरोना नियंत्रण के लिये जारी किसी दूसरे आदेश का उल्लंघन किया तो उसकी दुकान को प्रशासन अगले 15 दिनों के लिये सील कर देगा।

सभी दुकानदारों को टाइमिंग लिखने को कहा गया
कलेक्टर ने सभी दुकानदारों और व्यवसायियों को अपने प्रतिष्ठान पर फ्लैक्स लगाने को कहा है। इस फ्लैक्स पर दुकान के खुलने और बंद होने का समय लिखना होगा। यह काम दुकानदार को अपने खर्च में कराना होगा।

सभी तरह की दुकानों में मास्क रखना अनिवार्य

प्रशासन ने सभी तरह की दुकानों में मास्क अनिवार्य कर दिया है। कहा गया है, किसी भी तरह की दुकानों-प्रतिष्ठानों में बिक्री के लिये मास्क रखना अनिवार्य होगा। अगर कोई ग्राहक बिना मास्क पहने वहां पहुंच गया तो सबसे पहले उसे मास्क बेचना होगा। मास्क पहनने के बाद ही ग्राहक को कोई सामान अथवा सेवा बेची जा सकती है। दुकानों में सेनिटाइजर भी रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही शारीरिक दूरी पर भी जोर है।

     दो दिन पहले हुआ था फैसला

संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए 28 मार्च की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया था। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इसका फैसला करने के लिये कलेक्टरों को अधिकृत किया गया था। सबसे पहले सूरजपुर ने नाइट कर्फ्यू का आदेश जारी किया। उसके बाद जशपुर,अम्बिकापुर, रायपुर और दुर्ग आदि ने आदेश जारी किये हैं। सरगुजा संभाग के जिलों में नाइट कर्फ्यू का यह आदेश रात 8 बजे से ही प्रभावी हो जाएगा। भूपेश कैबिनेट ने भले ही प्रदेश में लॉकडाउन से मना किया हुआ है किन्तु प्रदेश में कोरोना की हालात किस कदर बिगड़ रहा है इसका उदाहरण अब सामने आ रहा है। कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते ग्राफ के कारण अब तक छत्‍तीसगढ़ के चार जिलों में नाइट कर्फ्यू लागू किया जा चुका है। जशपुर, सरगुजा, सुरजपुर और सुकमा में नाइट कर्फ्यू मंगलवार से लगा दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस .सिंहदेव के अनुसार संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार लॉकडाउन पर विचार कर सकती है। लॉकडाउन को लेकर सरकार ने सोच-विचार शुरू कर दिया है। सुकमा कलेक्टर विनीत नंदनवार ने जिले में नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी कर दिया है। रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगा रहेगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। शारीरिक दूरी व मास्क को अनिवार्य कर दिया गया है। कोविड 19 नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिए है। जशपुर में कोरोना के बढ़ते मामले के चलते नाइट कर्फ्यू लगाएं गए है, यहां भी रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। रात 8 बजे के बाद यहां दुकानें नहीं खुलेंगी, आदेश का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई होगी। 8 बजे के बाद लोग बेवजह नहीं घूम सकेंगे। कलेक्टर महादेव कावरे ने आदेश जारी किया है। इधर सरगुजा में भी नाइट कर्फ्यू लागू हो गया है, रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक आदेश लागू रहेगा, कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए फैसला लिया गया है, कलेक्टर सरगुजा ने आदेश जारी किया है। सूरजपुर जिले में भी नाईट कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है, रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है, कलेक्टर सूरजपुर ने यह आदेश जारी किए है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने लॉकडाउन के विषय पर प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने दुर्ग में आ रहे नए मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने टेस्टिंग की संख्या और पॉजिटिव आ रहे मरीजों के आंकड़ों पर भी विशेष ध्यान दिया। दुर्ग के आंकड़े का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा अगर, इसी तरह के आंकड़े सामान्‍य रूप से आते रहे तो लॉकडाउन पर सरकार विचार कर सकती है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने लॉकडाउन के विकल्प पर कहा कि राज्य और देश ने पहले भी स्थिति के अनुरूप इस विकल्प को चुना है और अब भी परिस्थिति को देखकर इसे चुना जा सकता है। लेकिन लॉकडाउन संक्रमण को रोकने का समाधान नहीं है।इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने अन्य जिलों के बढ़ते मामलों पर गंभीरता व्यक्त की है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया ने तय किया है कि लॉकडाउन हल नहीं है। दुर्ग जिला में 46 प्रतिशत केस टेस्‍ट के दौरान आए। हर दो में एक पॉजिटीव आ रहा है। टेस्टिंग कम है, ऐसी स्‍थिति सामान्‍य रूप से बनती है तो लॉकडाउन की तरफ सोचना होगा।

No comments:

Post a Comment

चुनिंदा पोस्ट

सहकारिता से जन कल्याण संभव होगा,कहते हैं बिना संस्कार नहीं सहकार, बिना सहकार नहीं उद्धार: सहकारिता मंत्री केदार कश्यप

रायपुर (छत्तीसगढ़ महिमा)। 02 सितंबर 2024, पहला मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए सहकार तो उसके मूल्य में है लेकिन जब आर्थिक गति...

Popular Posts