दूर होगा टैंकर का टेंशन,हर घर को मिलेगा नल का कनेक्शन : अब तक 120 निकाय हुए टैंकर मुक्त
1.42 लाख घरों में मिला नल कनेक्शन
जल है तो जीवन है। जल है तो कल है। पानी की बचत कीजिए। पानी को बर्बाद होने से रोकिए। इन छोटे-छोटे शब्दों और वाक्यों में एक ओर जहाँ पानी का महत्ता का संदेश छिपा है, वहीं यह शब्द सभी की जरूरतों से भी जुड़ा है। लोगों की इन्हीं जरूरतों को पूरा करने का उद्देश्य लेकर छत्तीसगढ़ की सरकार सबके घरों को नल कनेक्शन देने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। अभी तक 1.42 लाख परिवारों को नल का कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। सतही जल स्रोत आधारित योजनाओं में प्रत्येक व्यक्ति को 135 लीटर प्रतिदिन और नलकूप स्रोत आधारित योजनाओं में 70 लीटर प्रतिदिन के मान से गणना कर योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही भागीरथी नल जल योजना के माध्यम से पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित गरीब परिवारों को निःशुल्क नल संयोजन प्रदान किया जा रहा है।
46 निकायों में जल आवर्धन का कार्य प्रगति पर
टैंकर मुक्त करना छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी प्राथमिकता में है। अटल नवीनीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन(अमृत) जैसी परियोजनाओं के साथ सरकार का प्रयास है कि हर घर नल कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए रणनीति बनाई गई है और वित्तीय वर्ष समाप्ति तक समस्त योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जल आवर्धन योजना के तहत भाटापारा, तिल्दा नेवरा, महासमुंद, कवर्धा, जशपुरनगर, बलरामपुर, बैकुण्ठपुर, शिवपुर चरचा, मुंगेली, खैरागढ़, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कोण्डागांव, दीपका, सरायपाली, धमतरी, बीरगांव, पिपरिया-कबीरधाम, भोपालपट्नम, बसना, बोड़ला, गीदम, सीतापुर, कसडोल, छुरा, डौंडी-बालोद, पथरिया, पंखाजूर, कुसमी-बलरामपुर, लखनपुर, लोरमी अंबागढ़चौकी, धमधा, जरही-सूरजपुर, परपोड़ी-बेमेतरा, देवकर-बेमेतरा, पंडरिया, पिथौरा बिल्हा, साजा, पेंड्रा, बेरला, दोरनापाल, कोटा आदि शामिल है।
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