पांच दिवसीय गुरू गद्दी आसान पूजा संत समागम कार्यक्रम बाना में बह रही सतनाम की गंगा
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा आरंग। 14 मार्च 2021, जिले रायपुर के आरंग ब्लॉक के ग्राम बाना में पांच दिवसीय गुरू गद्दी आसन पूजा के दौरान दीप प्रज्ज्वलित कर सतनामी एकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कल 13 मार्च 2021 द्वितीय दिवस पर मुख्य अतिथि दीपक मिरी ,प्रदेश सतनामी अध्यक्ष एवं प्रभारी,रेडक्रॉस विभाग रायपुर छत्तीसगढ़ रहे। साथ में उपस्थित श्रीमती सुमित्रा मिरी, अल्का मिरी, प्रदेश महासचिव हरीश कुर्रे, जिलाध्यक्ष विजय माण्डले, ब्लॉक सचिव सुनील मिरी, ब्लॉक अध्यक्ष आरंग पीपेंद्र टंडन जी ( युवा प्रकोष्ट)
धरसीवा,सहित अन्य उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों से पहुंचे सभी अतिथियों का भव्य स्वागत जय सतनाम युवा एकता संगठन एवं सतनामी समाज बाना द्वारा की गई । डिगेश्वर ब्रम्हे अध्यक्ष,शेरा बंजारे उपाध्यक्ष ,सूरज बंजारे ,सुभाष गायकवाड़, गंगू सोनवानी,गंगादास डहरिया,खिलेश्वर ब्रम्हे,गुमान वंसे, योगेंद्र आदि लोगो ने अतिथियों का सदा चंदन तिलक लगा कर ,श्रीफल भेट कर पुष्प माला से और संत गुरू घासीदास बाबा जी के सतनाम जयघोष के साथ स्वागत किया गया। तद पश्चात दीपक मिरी जी ने अपनी उद्बोधन में सतगुरु एवं समाज के इस भव सागर से बड़ा कोई नही कहते हुए संत गुरु घासीदास बाबा जी एवं शूरवीर राजा गुरु बालक दास जी के समय छत्तीसगढ़ में 365 गांव के जमीदार रहे थे। 88 गांव में गौटिया अर्थात पूरे छत्तीसगढ़ में सतनामियो का बोलबाला था, सतनामी समाज सर्वगुण संपन्न समाज कहा जाता है। ममतामयी मिनीमाता जी की जयंती पर्व के पावन अवसर पर 13 मार्च 2021 की ढेर सारी शुभकामनाएं दी। ग्राम बाना की कार्यक्रम आयोजन की खूब सराहना करते हुए आगे कहा इस तरह का कार्यक्रम का आयोजन सभी गांवों में होते रहना चाहिए ।
संत गुरु बाबा घासीदास जी की जयकारा के साथ अपनी वाणी को विराम दी। विशिष्ट हरीश कुर्रे ,ने अपनी सतनाम संदेश में ममतामयी मिनीमाता की उत्कृष्ट कार्य पर प्रकाश डालते हुए संबोधित की। मिनीमाता जी की 13 मार्च को जन्म दिवस पर ये भी कहा की वे न केवल सतनामी समाज ही नही अपितु सर्व मानव समाज उसे अपनी माता मानती थी। 1952 से माता जी 1971 तक लगातार 5 बार लोक सभा सांसद रही। उन्होंने संसद में पूरे मानव समाज की उत्थान की बात रखती थी, उन्हें पूर्ण भी कराती थी। आगे हरीश कुर्रे ने माताजी की दिल्ली वाली अपनी सासंद निवास सभी मानव समाज के लिए आश्रय का केंद्र थी । गरीब अमीर सभी का हितकारी था। माता एक महान,माता का परिचय दिया है। जब उनकी समाज में रखी कंबल ,चादर , सभी लोगो में बटवा दी ,भोजन व्यवस्था उनकी रख रखाव माता जी स्वयं करती जब कुछ लोगो को कपड़ा की कमी पड़ी तो माता जी ने अपनी रखी साड़ियों को भी लोगो को ओढ़ने के लिए बटवा दी स्वयं रात भर ठंड में जागती रही। ऐसी थी मां ममतामयी मिनीमाता इस प्रकार माता की गुणगान कर अपनी वाणी को विराम दी।
इसी कड़ी में सतनाम भजन टोलियों ने सतनाम संदेश उपदेश अमृतवाणी गुरुज्ञान सत्संग की गंगा बहाया। पूरे बाना ग्राम सतनाम मय हो गया।
सतनाम भजन टोली में मंगल भजन मंडली मंदिर हसौद, सत के धाम मंगल भजन बरबसपुर, सतनाम मंगल भजन चोरभट्टी ,नेवधा बेटुकसी, रिको, सुंदरा बरबंदा आदि पार्टी टोलियों संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की जीवन महिमा गाथा को सत्संग मंगल भजन कीर्तन प्रवचन पंथी नृत्य गीत के माध्यम से जन मानस के बीच प्रस्तुति देते हुए सतनाम के प्रचार प्रसार की। समयवर प्रतिदिन कार्यक्रम रात 12:00 से 1 बजे तक और सुबह शाम गुरू गद्दी जोड़ा जैतखाम की आरती पूजा चलती रहती है। गुरू गद्दी आसान पूजा संत समागम कार्यक्रम में आस पास सहित विभिन्न स्थानों से संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों श्रोता वक्ता प्रवक्ता ज्ञानी सामाजिक कार्यकर्ता पहुंच कर अपने मति अनुसार गुरू घासीदास बाबा जी की संदेश उपदेश को प्रचार प्रसार करते रहे हैं। उन्हे सुनने आस पास के संत समाज के लोग अधिक संख्या में उपस्थित हो कर गुरू अमृत वाणी सत्संग को श्रवण कर रहे हैं।
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