करोड़ों का हाट बाजार नही टूटेगा, हाथकरघा एवं ग्रामोघोग मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने विधानसभा में दिया जवाब, विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया सवाल

इस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय मंत्री गुरू रूद्र ने अपने जवाब में कहा कि पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट का निर्माण 2008 में पूर्ण हुआ। जिसमें कुल 7 करोड़ 56 लाख की लागत आई हैै। इसमें 669 लाख राज्य सरकार, 52.50 लाख की राशि वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार तथा 35 लाख रूपये की राशि हाथकरघा वस्त्र मंत्रालय की ओर से प्राप्त हुई थी। मंत्री ने बताया कि यह जमीन रायपुर विकास प्राधिकरण की है तथा प्राधिकरण ने 30 सालों के लिए पटटे पर हस्तशिल्प विकास बोर्ड को दी है तथा वर्तमान में हाट बाजार को तोड़ने की कोई योजना नही है। जानते चलें कि इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि पंडरी कपड़ा मार्केट स्थित हाट बाजार की जमीन को निजी हाथों में बेचा जा रहा है. सत्तााधरी दल से जुड़े एक वरिष्ठ नेता जो एक सरकारी संस्था के चेयरमैन भी हैं, ने इस जमीन पर अपनी नजरें गड़ा रखी है। विभाग के अफसरों से सांठ गांठ करके इस महंगी जमीन को कौड़ियों के दाम खरीदने के लिए कई नेता लगे हुए हैं और इसके लिए कई आइएएसों पर दबाव भी हैै। दूसरी ओर सरकार के जवाब के बाद स्थिति साफ हो गई हैै। विभागीय मंत्री गुरू रूद्र कुमार ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि हाट बाजार को तोड़ने की अब कोई विभागीय योजना नही हैै।
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