Friday, August 27, 2021

छत्तीसगढ़ महतारी के रत्न बेटा देवदास बंजारे अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक की स्मृति दिवस संपन्न हुआ

छत्तीसगढ़ महतारी के रत्न बेटा देवदास बंजारे  अंतर्राष्ट्रीय पंथी नर्तक की स्मृति दिवस संपन्न हुआ 
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा डोगरगढ़। 27 अगस्त 2021, पुरखा के सुरता छत्तीसगढ़ संस्कृति के विदेश यात्रियों में सुप्रसिद्ध पंथी नृत्य के सिरमौर व छत्तीसगढ़ के महान संत शिरोमणि गुरू  घासीदास बाबा जी के अमर संदेशों को विश्व पटल पर पहुंचने वाले सतनामी समाज के गौरव अंतर्राष्ट्रीय पंथी सम्राट स्व.श्री देवदास बंजारे की पुण्यतिथि पर जिला सतनामी सेवा समिति राजनांदगांव, पंथी एवं साहित्यिक विकाश समिति दुर्ग,सतनाम सत्संग परिवार राजनांदगांव, सतनाम ब्लड डोनेशन फाउन्ड्रेसन राजनांदगांव के संयुक्त तत्वाधान, में जी ई रोड स्थित  सतनाम भवन राजनांदगांव में पुरखा के सूरता देवादास बंजारे पुण्य स्मरण में पंथी कला सम्मान कार्यक्रम का आयोजन की गई। जिसमे समाज के अध्यक्ष सूर्यकुमार खिलाड़ी,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता घासी साहु, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती मंजू चतुर्वेदी, चैनदास बांधव, दादूलाल जोशी, बंशीलाल कुर्रे,पंकज बांधव, देवचंद बंजारे, अजय मार्कण्डेय,शंकर बघेल तामेश्वर बंजारे,कमलेश सान्डे, संदीप सिरमौर आदि अतिथि शामिल हुए। प्रथम ऊपर आसान गुरुद्वारा में बाबा जी की अतिथि साधु संतो द्वारा पूजा अर्चना कर मंच में स्व. देवादास बंजारे के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि दे कर उनकी जीवनी को पर प्रकाश डाला गया। वैसे तो आपको किसी सम्मान की जरूरत नही क्योंकि पंथी सम्राट देवदास बंजारे ये नाम ही खुद में सम्मान है और ये आज साबित हो रहा हैं 
छत्तीसगढ़ संस्कृति पंथी को बगराने में आप ने बहोत मेहनत किए। आज छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिला मुख्यालय में आप को याद किया जा रहा आप ही है जो विदेशों में जा कर हमारे छत्तीसगढ़ राज्य और भारत देश का नाम पंथी और कला के क्षेत्र में रौशन किए लेकिन यहां की राजनीति के कारण जो सम्मान कलाकार को मिलना चाहिए वो आपको अब तक नहीं मिला है।  सरकार आई और गई और जाएगी छत्तीसगढ़ राज्य को बने यहां 21 साल गुजर गए लेकिन किसी मंत्री किसी नेता ने आपकी सुध नही ली। यहां तो नए - नए कलाकारों को बहुत बड़ा सम्मान पद्मश्री दे दिया गया और जिसने छत्तीसगढ़ संस्कृति को संजोए रखा उनको आश्वाशन के सिवा कुछ भी न मिला।
बेटा दिलीप, संतोष नाती पंकज आपको पद्मश्री सम्मान दिलाने में विभागो के दौड चक्कर लगाते रह गए। पर कोशिश पूरी न हुई और शायद होगी भी नही आपको पद्मश्री का सम्मान मिले न मिले आप के नाम से आज छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलो सहित राजनांदगांव  में पंथी कला,  योग, साहित्य, पत्रकारिता, समाज सेवा, धर्म संस्कृति के छेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने वाले,विभिन्न सात गांव के पंथी कलाकारो उनकी टीम सहित उपरोक्त क्षेत्र शामिल वा कला का प्रदर्शन किये। सम्मानितों में सुंदरलाल चतुर्वेदी, रुपकुमार जांगड़े, संजय कुर्रे, रमेश महिलांगे, जितेन्द्र गेन्ड्रे, मनहरण लहरे, चंदन पहरी हेमेश जांगड़े इत्यादि को सम्मानित किया गया। सामाजिक पत्रिका पुराणिक लाल चेलक द्वारा लिखित ताना बाना हाना पुस्तक व रवींद्र जांगड़े संगीता मानीकपुरी की देवादास के सूरता पंथी एल्बम का विमोचन किया गया। 
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  स्व.देवादास बंजारे की परिवार से दिलीप बंजारे संतोष बंजारे और पुराणिक लाल चेलक, मोहन चतुर्वेदी, ऋषि टंडन, देव महंतों शुभम बंजारे, सितम बंजारे ,रामसिंग सतनामी, बिरझू देशलहरे इत्यादि साधु संत दल महिला प्रकोष्ठ युवा प्रकोष्ठ सहित समाज जन उपस्थित थे। सफल मंच संचालन रुपकुमार जांगड़े, सुंदरलाल चतुर्वेदी ने किया।
उपरोक्त कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री आमंत्रित किये गए थे और पूर्व में मिनी माता पुण्य तिथि के समय भी लेकिन नही आए, काँग्रेस मंत्रियो क़ी दूरी से समाज में आक्रोश स्पष्ट देखा गया इन्हे ये दूरी महंगा ना पड़ जाए ये वक्त बताएगा। आप हमारे पंथी के गुरु है और ये सम्मान आपसे कोई नही छीन सकता कोई भी नही समस्त सतनामी समाज इसके लिए अपना हर संभव कोशिश करेगा। जब तक सूरज आसमान रहेगा देवदास बंजारे जी का नाम रहेगा।

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