फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे लोगों को किया जाएगा तुरंत बर्खास्त, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 24 जुलाई 2021, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठे, फर्जी अथवा गलत प्रमाण-पत्रों के आधार पर नियुक्तियां प्राप्त कर लेने वाले शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने निर्देश दिए हैं। सीएम के निर्देश पर छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों के नाम परिपत्र जारी किया है। बता दें कि हाल ही में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया था। कार्रवाई का अनुरोध किया था। उद्योग मंत्री कवासी लखमा से भी इस मुद्दे सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने चर्चा की थी। सामान्य प्रशासन विभाग ने शासन के सभी विभागों, छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष, सभी संभागीय आयुक्तों, सभी विभागाध्यक्षों, सभी जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के नाम 24 जुलाई को पत्र जारी कर दिया है। परिपत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में विभागों से संबंधित ऐसे प्रकरण जिनके जाति प्रमाण, जाति प्रमाण-पत्र छानबीन समिति की ओर से फर्जी अथवा गलत पाए गए हैं,उन्हें तत्काल सेवा और महत्वपूर्ण पदों से पृथक किया जाए। ऐसे संपूर्ण प्रकरणों में महाधिवक्ता, छत्तीसगढ़ के माध्यम से शीघ्र सुनवाई करने के लिए उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाए। ऐसे प्रकरण जिनमें न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त नहीं है, उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए। परिपत्र में कहा गया है कि सेवा समाप्ति का आदेश जारी करने के पूर्व प्रशासकीय विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कैविएट दायर किया जाए। जिन प्रकरणों में न्यायालय का स्थगन प्राप्त हो, उनमें सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार विधि विभाग की ओर से समीक्षा की जाए। प्रशासकीय विभाग की ओर से स्थगन समाप्त करने की कार्यवाही तत्परतापूर्वक की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित फर्जी अथवा गलत जाति प्रमाण-पत्र धारकों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी 7 दिनों के भीतर स्वयं को और आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है।
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