Saturday, June 12, 2021

मस्तुरी में जमे हैं पशु चिकित्सक डॉ. अग्निहोत्री,अभी तक नहीं हुए उन पे जांच कार्यवाही

सामान्य सभा की बैठक में जनपद पंचायत सदस्यों द्वारा मस्तूरी विधायक की मौजूदगी में उठाई गई  जांच की मांग, जिसकी उच्च स्तरीय जांच करा  दोषी अधिकारी के खिलाफ होने थे कार्यवाही। सामान्य सभा में जांच आदेश होने बावजूद जांच हुई न दोषी के खिलाफ कार्यवाही डॉ.अग्निहोत्री को आखिरकार कौन दे रहे हैं  संरक्षण।

प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा मस्तुरी। पूरे प्रदेश में जहाँ कांग्रेस की वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ बना  “गड़बो नवा छत्तीसगढ़” स्लोगन को सच्चाई में बदलना चाह रहे हैं। वही जिले बिलासपुर के जनपद पंचायत, विकास खंड,तहसील मस्तूरी की प्राथी कु. पूजा पंकज द्वारा जनपद पंचायत में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि शासकीय पशु चिकित्सालय मस्तूरी में पदस्थ डॉ.पी.के. अग्निहोत्री ने उसके कुत्ते को रेबीज इंजेक्शन के नाम से 700 रूपए ली है जबकि प्राथी ने शासकीय पशु चिकित्सालय की 5 रूपए की पर्ची भी कटवाई थी।     दो दिनों बाद उसकी कुत्ते की मृत्यु हो गई। प्राइवेट बाजार में रेबीज इंजेक्शन के कीमत 100-150 रूपए की होती है, जबकि शासकीय अस्पताल में रेबीज की कीमत को 25 रूपए निर्धारित की गई है। जिसकी शिकायत कु.पूजा पंकज ने जनपद पंचायत मस्तुरी में लिखित रूप में की थी। जिसमें संज्ञान लेते हुए जनपद पंचायत मस्तुरी सीईओ द्वारा पत्र क्रमांक 2955 दिनांक 15.3.21 को पशु चिकित्सक विभाग को नोटिस जारी किया था। इस प्रकरण को मार्च माह में हुए जनपद पंचायत की सामान्य सभा बैठक में भी जनपद पंचायत मस्तुरी के सदस्यों द्वारा मस्तूरी विधायक की उपस्थिति में जांच कर कार्यवाही करने की मांग उठाया था।

 जिसकी उच्च स्तरीय जांच करा दोषी डॉ. अग्निहोत्री के खिलाफ कार्यवाही हो। संंदेह स्पद हैं कि 3 माह बीत जाने के बाद भी पशुुचिकित्सक  विभाग बिलासपुर द्वारा अभी तक जांच नही कराई गई हैै। जिससे प्रतीत होता है कि डॉ.अग्निहोत्री को उच्च अधिकारियों से सांठगांठ है। पूर्व में भी डॉ.अग्निहोत्री पशु चिकित्सालय सीपत में पदस्थ था उस समय भी विभगीय कार्यो में लापरवाही के कारण तत्कालीन बिलासपुर कमिश्नर श्री वोरा ने उनकी वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिये थे। सीपत क्षेत्र के पशु पालको एवं जन प्रतिनिधियों ने उनकी शिकायत विभगीय मंत्री से भी किया थाा। जिसके कारण इनका स्थान्तरण बिलासपुर जिले से बाहर किया गया था। बाद में डॉ.अग्निहोत्री ने अपना स्थान्तरण आदेश संशोधित करा पशु चिकित्सालय मस्तूरी करा लिया। अब देखने वाली बात है कि ऐसे दोषी डॉक्टर पर विभाग और शासन कब कार्यवाही करेगा।

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