पचपेड़ी थाना अंतर्गत विभिन्न स्थानों में जोरो से चल रहा मुरुम का अवैध खनन
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा बिलासपुर। 3 अप्रैल 2021, दूसरे जिले के जेसीबी ठेकेदार मस्तूरी क्षेत्र अंतर्गत पचपेड़ी थाना के आस पास में मुरुम का अवैध खनन धड़ल्ले से की जा रही हैं।
जिले बिलासपुर के विधान सभा क्षेत्र मस्तूरी अंतर्गत पचपेड़ी थाना प्रभारी तस्वीर देख छोटे बड़े मालदार ऊंचे नीचे स्तर बड़ी पहुंच पकड़ आधार की परख कर कारवाही करने में रुचि रखते हैं।
अवैध मुरूम खनन की सूचना पर भी खनिज विभाग और थाना प्रभारी मौन धारण कर बैठ अपने रोटी सेंकने में लगे हुए संरक्षण दे अवैध उत्खनन माफिया को क्षेत्र में बढ़ावा देते रहे है।
समय रहते अगर पचपेड़ी थाना पुलिस अपनी सक्रियता दिखाती तो भू माफिया होते पुलिस की गिरफ्त में और खनिज विभाग को कार्यवाही करने में होती भी आसानी होती। मस्तूरी ब्लाक के पचपेड़ी परीक्षेत्र में इन दिनों भूमाफियो का खूब बोलबाला चल रही है। जहां पर भी शासकीय जमीन देख वहां पर मिट्टी मुरूम की खुदाई अवैध उत्खनन करना प्रारंभ कर दे रहे हैं। ऐसा क्यों ना भी हो जब क्षेत्रीय जवाबदार अधिकारियों के संरक्षण जो मिल रहे हैं। चाहे वह खनिज विभाग के हो या फिर पुलिस विभाग का हो या राजस्व विभाग का दिन रात अवैध तरीके से भू माफियाओं का अवैध उत्खनन खनन पचपेड़ी क्षेत्र में जारी है।
ताजा मामला ग्राम पंचायत सुकुलकारी का आई है जहां मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रही है। भारी मात्रा में शासकीय जमीनों पर मुरुम मिट्टी की खोदाई चल रही है। जेसीबी मशीन से मुरुम खोदकर कर खाई में तब्दील किया जा रहा है। खनिज का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है। खनन माफियो की क्षेत्र में इतना ज्यादा बोलबाला है कि उनके बारे में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि गण भी नहीं बोल पा रहे हैं।
क्षेत्रीय जवाबदार अधिकारी एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी थोपते नजर आ रहे हैं।
अवैध खनन के सम्बंध जब क्षेत्रीय थाना प्रभारी पचपेड़ी को अवगत कराया गया तो उन्होंने राजस्व एवं खनिज विभाग का मामला है हम लोगों का काम अवैध खनन करते हुए गाड़ी को पकड़ने का नहीं है करके अपनी जवाबदारी से पल्ला झाड़ लिया। जबकि कुछ दिन पहले ही पचपेड़ी थाना प्रभार ने मुखबिर के सूचना पर एक जेसीबी और एक ट्रैक्टर को अवैध खनन करते हो कह कर जब्ती बना कर थाने में खड़ा किया है जो आज भी थाना परिसर में उपस्थित है। मस्तूरी एसडीएम पंकज डाहिरे को जानकारी दिया गया तो तत्काल तहसीलदार मनोज खांडेकर को कार्यवाही करने के निर्देश दिए परन्तु जब तक तहसीलदार मनोज खांडेकर ने पटवारी शैलेंद्र टंडन को निर्देश किए,तब पटवारी शैलेंद्र टंडन ने कोटवार तेरस राम को सूचना दी लेकिन जब तक कोटवार तेरस राम के पहुचने से पहले ही अवैध उत्खनन माफिया रफु चक्कर हो गए। अवैध खनन हो रहे वहां पर उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि कुछ शासकीय कर्मचारियों की मिलीभगत होने के कारण भूमाफिया को फोन कर अवैध खनन हो रहे स्थान से एक जेसीबी एवं चार ट्रैक्टर को वहां से भगवा दिया गया।
आए दिन प्रदेश के अंतर्गत विभिन्न स्थानों में खनिज संपदा का क्षति पहुंची जा रही हैं,अनेकों स्थान पर मुरूम मिट्टी रेत की अवैध उत्खनन किए जाने की खबरें सुर्खियों में आते रहते हैं।
खनिज विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई कर उचित पहल करनी चाहिए। जिनसे खनिज संपदा भूमि की सुरक्षा की जा सके।
खनन माफियाओं के द्वारा
कई ट्रीप मुरुम का परिवहन किया जा चुका है।
वही ग्रामीणों की शिकायत पर भी कोई कार्यवाही नही होने से ग्रामीण बेहद नाराज है। ग्रामीणों की शिकायत पर नही पहुच रहे अधिकारी ऐसा लगता हैं कि अधिकारी स्वयं खनिज दोहन करवाने का काम कर रहे है।
मुरूम के अवैध खनन का मामला प्रकाश में आया था। उस पर भी कोई कार्यवाही नही की गयी। इस मामले में जिला खनिज अधिकारी का पक्ष लेने का प्रयास भी किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। खनिज विभाग के अधिकारी इतने व्यस्त हैं अपने कामों में कि क्षेत्र में हो रहे खनिज संपदा का अवैध दोहन को जानबूझकर अनदेखा कर रहे हैं, खनिज विभाग खनिज माफियो पर रोक लगा पाने में नकाम हो रहे हैं।
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