छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति का प्रांतीय अधिवेशन एवं सम्मान समारोह हुआ संपन्न
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा सुघर गांव बलौदाबाजार। 13 अप्रैल 2021,
छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों की पुस्तकों एवं सामाजिक पत्रिका का अतिथियों के हाथों हुआ विमोचन।
अनिल जांगड़े संवाददाता बलौदा बाजार,प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा,सुग्घर गांव। प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति का प्रांतीय अधिवेशन एवं सम्मान समारोह 21 मार्च 2021 को सांस्कृतिक भवन,गुरू घासीदास कालोनी न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर में संपन्न हुआ। प्रांताध्यक्ष डाॅ. जे.आर.सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में डाॅ.शिव कुमार डहरिया,मंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम विभाग छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ.केशरीलाल वर्मा कुलपति पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डाॅ.विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग रायपुर, के.पी.खांडे अध्यक्ष गुरू घासीदास साहित्य संस्कृति एवं अकादमी रायपुर, श्रीमती शकुन डहरिया अध्यक्ष राजश्री सदभावना समिति रायपुर, डाॅ.परदेशी राम वर्मा वरिष्ठ साहित्यकार भिलाई उपस्थित थे।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी भाषा ‘‘ छत्तीसगढ के पाठशाला मन मा छत्तीसगढी भाखा के पाठ्यक्रम अउ किताब के स्वरूप ‘‘ में सभी विद्वान वक्ताओं ने एक स्वर से प्राथमिक पाठशाला,मीडिल, हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूल में छत्तीसगढी भाखा को अनिवार्य रूप से पढ़ाये जाने हेतु माननीय मंत्री डॉ. डहरिया ने अपने उद्बोधन में शासन को अवगत कराने की बात कही और इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजन हेतु सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी । मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने किशन टंडन क्रांति के 3 किताब एवं राजेश चौहान का एक किताब का विमोचन भी किया। वरिष्ठ साहित्यकारों को सम्मानित कर उन्हे बधाई व शुभकामनाएं दी । साहित्यकारों को आश्वासन दिया कि जिन लेखको की पुस्तक प्रकाशित नहीं हो रहा है,उसके लिये वे अनुदान दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष डाॅ. केशरी लाल वर्मा कुलपति पं० रविशंकर विश्वविद्यालय ने सफल आयोजन के लिये बधाई एवं शुभकामनाएं दी । और आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए शरीक होकर मुझे भी आत्मीय शांति मिलती है व अपने पन का पारिवारिक बोध होता है। डाॅ.परदेशी राम वर्मा ने छत्तीसगढ़ी की दशा,दिशा एवं पाठ्यक्रम के स्वरूप के संबंध में सारगर्भिक उद्बोधन दिया व शासन को इस पर विचार करने हेतु सुझाव भी दिए। डाॅ.विनय कुमार पाठक भाषाविद ने भी पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने हेतु सामूहिक प्रयास करने के लिए बल दिया व कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। श्रीमती शकुन डहरिया ने ठेठ छत्तीसगढ़ी मे ठेठरी, खुरमी,संस्कार,संस्कृति की बात रखकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके उद्बोधन से सभी उपस्थित जनों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। मुख्य वक्ता बिहारी लाल साहू,डाॅ.अनिल भतपहरी,डाॅ.सुधीर शर्मा,डाॅ.पीसी लाल यादव,डाॅ.सरला शर्मा,डाॅ.अरूण निगम व अधिवेशन में वरिष्ठ साहित्यकारों तथा कलाकारों को सम्मानित किया गया। जिनमें स्व.हरिठाकुर सम्मान डाॅ.विनय कुमार पाठक, स्व.श्री सुशील यदु सम्मान डाॅ.सुखदेव राम साहू, स्व.श्री केयूरभूषण सम्मान दुर्गा प्रसाद पारकर,स्व.श्री डाॅ.बल्देव साव सम्मान डाॅ.बिहारी लाल साहू एवं श्री डुमन लाल ध्रुव, स्व. श्री लक्ष्मण मस्तूरिहा सम्मान श्री किशन टंडन, क्रांति, स्व. श्री राकेश सोनी सम्मान श्री करण खान फिल्म कलाकार, श्री अमीर पति फिल्म निदेशक, स्व. मिथलेश साहू सम्मान श्री आत्मा राम कोसा को नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया के करकमलों से प्रदान किया गया। अधिवेशन में अंचल के साहित्यकारों के पुस्तको का विमोचन किया गया एवं कवि सम्मेलन में 20 से अधिक कवियों ने कविता का पाठ किया। कार्यक्रम में ठेठरी, खुरमी,कलिंदर खाकर आनंद लिये। पूरा आयोजन छत्तीसगढी को समर्पित रहा। छत्तीसगढ के सभी जिलों के 200 से अधिक साहित्यकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सरला शर्मा एवं श्री कान्हा कौशिक ने किया।
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