बृजमोहन अग्रवाल गुट को एक और मात ? मिनल चौबे बनी नगर निगम रायपुर के नेता प्रतिपक्ष

प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 26 मार्च 2021,भाजपा ने नगर निगम में श्रीमती मिनल चौबे को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया हैं। भाजपा ने इस बात की घोषणा कर दी हैं। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु देव साय की सहमति से यह घोषणा की गई हैंं। इसके साथ ही भाजपा में बृजमोहन अग्रवाल गुट को संगठन खेमे ने एक और मात देदी हैं ? भाजपा में यह पहली बार हुआ हैं कि एक नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष का चयन करने के लिए दिल्ली तक लॉबिंग चली हो। भाजपा प्रदेश कार्यालय से जारी एक आदेश में इस बात की घोषणा नगर पालिका निगम रायपुर में नेता प्रतिपक्ष चुनाव समिति के संयोजक भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने की हैंं। उल्लेखनीय हैं कि रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चयन को लेकर भाजपा में भारी गुटबाजी हो रही थी। लंबा समय निकल जाने के बाद भी भाजपा ने इस पद के लिए किसी नाम की घोषणा नहीं की थी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर और मिनल चौबे दोनों अलग-अलग गुट से आमने-सामने थेे। इसके पहले बनी समिति के संयोजक बृजमोहन अग्रवाल ने सूर्यकांत राठौर का नाम तय किया था। जो अखबारों में भी आ गया था। लेकिन इसके बाद पार्टी ने इस नाम कि घोषणा नहीं की,और मामला लंबित हो गया। इस दौर में पूर्व छात्र नेता मृत्युंजय दुबे का नाम भी सामने आया था। इस पुरे मामले को राजनीतिक विश्लेषक भाजपा में कांग्रेसी संस्कृति की झलक के रूप में तो देख ही रहें हैं ।साथ ही बृजमोहन अग्रवाल गुट की मात के रूप में भी देखा जा रहा हैं ? आज तक कांग्रेस में हर छोटा-बड़ा काम दिल्ली से होता आया था। अब यह बात भाजपा में भी आ गई हैं। राजधानी रायपुर की नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष के चयन का मामला प्रदेश प्रभारी तक गया और मिनल चौबे का नाम तय किया गया। बृजमोहन अग्रवाल ने इसके पूर्व चयन समिति का संयोजक रहते हुए सूर्यकांत का नाम तय कर दिया था। लेकिन इसकी घोषणा नहीं हो पाई इस बार भी वे चुनाव समिति में थे लेकिन सूर्यकांत को विपक्ष का नेता नहीं बना पाए। इसके पूर्व भी अग्रवाल गुट को संगठन के कई मामलों में लगातार विफलता मिलती रही हैं। रायपुर नगर निगम में सभापति और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे ने पत्र लिखकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से नेता प्रतिपक्ष का नाम तय करने के लिए निवेदन किया था। जिसमे उन्होंने सामान्य सभा बुलाने में हो रही व्यवहारिक दिक्कतों का जिक्र किया था। जिसके बाद भाजपा ने इस दिशा में गंभीरता से पहल की और समिति का गठन किया था। यह भी अपने आप में प्रदेश में पहला मामला था की कांग्रेस ने भाजपा से अपने दल का नेता चुनने के लिए इस प्रकार पत्र लिखकर अनुरोध किया था।
महिला पार्षदों की संख्या भी बनी वजह
मिनल चौबे को रायपुर नगर पालिका निगम में नेता प्रतिपक्ष बनाने में भाजपा पार्षद दल में महिलाओं की संख्या अधिक होना भी उनके पक्ष में गया। रायपुर नगर निगम में भाजपा के कुल 29 पार्षद हैं जिसमे 14 महिलायें हैं।
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