Saturday, April 10, 2021

महात्मा ज्योतिबाराव फुले जयंती विशेष

           महात्मा ज्योतिबाराव फुले जयंती विशेष
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 11 अप्रैल 2021, महात्मा ज्योतिबाराव गोविंदराव फुले (11 अप्रैल 1827 - 28 नवम्बर 1890) एक भारतीय समाज सुधारक, समाज प्रबोधक,विचारक,समाजसेवी,लेखक,दार्शनिक तथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। इन्हें महात्मा फुले एवं ''जोतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। सितम्बर 1873 में इन्होने महाराष्ट्र में सत्य शोधक समाज नामक संस्था का गठन किया। महिलाओं व शोषित पीड़ितो के उत्थान के लिए उन्होंने अनेक कार्य किए। समाज के सभी वर्गो को शिक्षा प्रदान करने के ये प्रबल समथर्क थे। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति पर आधारित विभाजन और भेदभाव के विरुद्ध थे।
जोतिराव गोविंदराव फुले
जन्म - 11 अप्रैल 1827
खानवाडी,पुणे, ब्रिटिश भारत (अब महाराष्ट्र में)
निर्वाण 28 नवम्बर 1890 (उम्र 63)
पुणे, ब्रिटिश भारत
इनका मूल उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार प्रदान करना,बाल विवाह का विरोध,विधवा विवाह का समर्थन करना रहा है। श्री फुले समाज की कुप्रथा,अंधश्रद्धा की जाल से समाज को मुक्त करना चाहते थे। अपना सम्पूर्ण जीवन उन्होंने स्त्रियों को शिक्षा प्रदान कराने में,स्त्रियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में व्यतीत किया। 19 वीं सदी में स्त्रियों को शिक्षा नहीं दी जाती थी। ज्योतिबा फुले महिलाओं को स्त्री-पुरुष भेदभाव से बचाना चाहते थे। उन्होंने कन्याओं के लिए भारत देश की पहली पाठशाला पुणे में बनाई। स्त्रियों की तत्कालीन दयनीय स्थिति से फुले बहुत व्याकुल और दुखी होते थे इसीलिए उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि वे समाज में क्रान्तिकारी बदलाव लाकर ही रहेंगे। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को स्वयं शिक्षा प्रदान की। सावित्रीबाई फुले भारत की प्रथम महिला अध्यापिका थी। ज्योतिबाराव फुले साहब की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सादर नमन करते हैं।

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