Thursday, March 25, 2021

कोसीर में जिला स्तरीय पशुधन एवं कुक्कुट प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

कोसीर में जिला स्तरीय पशुधन एवं कुक्कुट प्रदर्शनी का हुआ आयोजन 

प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा सारंगढ़। 25 मार्च 2021, जिले रायगढ़ के विधान सभा क्षेत्र सारंगढ़ अंतर्गत बड़ा ग्राम पंचायत कोसीर में जिला स्तरीय पशुधन एवं कुक्कुट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान कोसीर गोठान की तरह ही जिले के सभी गोठानों को मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित करने की बात कही गई।उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण एवं सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी गणपत जांगड़े, सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग श्रीमती पदमा घनश्याम मनहर एवं कलेक्टर भीम सिंह ने विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्रीमती जांगड़े ने कहा कि पहले गांव में महिलाएं नहीं निकल रही थी,लेकिन वर्तमान में महिला स्व-सहायता के रूप में कार्य करते हुए अपने आप को स्वावलंबी बना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शासन में गोधन न्याय योजना का बखुबी संचालन किया जा रहा है,जो पूरे देश में रोल मॉडल साबित हो रहा है। इससे एक ओर जहां गोठान समिति के माध्यम से किसानों को गोबर बेच कर अधिक लाभ मिल रहा हैै। वहीं महिला स्व-सहायता को यहां वर्मी कंपोस्ट निर्माण,गोठान के बाड़ी में सब्जी उत्पादन और कुक्कुट पालन,मछली पालन से लाभ मिल रहा है। कोसीर का गोठान भी अपनी पशुपालन,कुक्कुट पालन, चारा और अन्य की खेती,वर्मी कंपोस्ट निर्माण सहित अन्य कार्य से प्रदेश में मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में पहचान बनायेगा।

कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरूआ व बाड़ी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुर्न जीवित करने का कार्य हो रहा है। वर्तमान में जिले में 630 ग्राम पंचायतों में गोठान का निर्माण किया गया है। इसी तरह प्रदेश में पहला गो-अभ्यारण गोठान का निर्माण रायगढ़ के संबलपुरी में किया गया है, जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा है। यहां करीब 20 एकड़ में गोठान का निर्माण किया गया है, जहां करीब 600 मवेशियों को रखा गया है। गोठानों में हरा चारा, सूखा चारा के साथ कोटना और पानी की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं सभी गोठानों में पशु चिकित्सक भी उपलब्ध हो रहे हैंं। जहां बीमार मवेशियों के इलाज की भी सुविधा मिल रही है। इससे एक ओर जहां मवेशियों व अन्य पशुधन का संवर्धन हो रहा है तो दूसरी ओर किसानों और ग्रामीणों के अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में रायगढ़ जिला वर्मी कंपोस्ट बनाने में नंबर वन है। अब तक 10 हजार कुंंटल वर्मी कंपोस्ट बनाकर किसानों,सोसायटी, वन विभाग,कृषि विभाग व अन्य विभागों को बेचा जा चुका है। वर्तमान में झारखंड की एक कंपनी के साथ अनुबंध हुआ है।जिन्होंने 1 लाख 50 हजार क्वटल वर्मी कंपोस्ट की मांग की है। उन्होंने कहा कि 16 हजार हेक्टेयर पड़ती भूमि महिला स्व-सहायता समूह को आबंटित किया गया है। यहां बाड़ी के साथ मछली पालन, कुक्कुट पालन,पशुधन के कार्यों को बढ़ावा देकर रूरल इंडस्ट्री को स्थापित किया जाएगा। 600 हेक्टेयर में रागी का फसल लगवाया गया है। गोठान,बाड़ी योजना को आंगनबाड़ी से जोड़ा जा रहा है। इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों में अंडा, दूध, सब्जी के साथ अन्य पौष्टिक आहार की भी सप्लाई हो सकेगी। इस तरह से शासन की महत्वाकंक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी से ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और परिवर्तन के दिशा में शासन व प्रशासन लगातार कार्य कर रहे हैं। इसमें सभी की भागीदारी और सहयोग आवश्यक है। श्रीमती मनहर ने कहा कि शासन की योजनाओं से ग्रामीण महिलाएं स्व-सहायता समुह के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही है। मछली, मुर्गी व पशु पालन से ग्रामीण कुटीर उद्योग को भी बढ़ावा मिल रहा है। मेले में विभाग के द्वारा विभिन्न प्रदर्शनी लगाई गई, जहां से जानकारी लेकर स्वयं का कार्य शुरू किया जा सकता है। जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल ने कहा कि शासन द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में कार्य हो रहा है। उन्होंने शासन की योजनाओं का लाभ लेकर स्वावलंबी बनने की बात कही। इससे पूर्व पशु विभाग के डॉ.आर.एच.पाण्डेय ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत सारंगढ़ गणपत जांगड़े, एसडीएम नंद कुमार चौबे,स्थानीय जन प्रतिनिधि व ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

महिला समूहों ने स्व-निर्मित उत्पादों का लगाया स्टॉल

कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीमती जांगड़े, कलेक्टर श्री सिंह, श्रीमती मनहर ने लगाए गए स्टाल का अवलोकन किया। महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्वयं द्वारा निर्मित,साबुन,अगरबत्ती,गुलाल, मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन, मशरूम, सब्जी उत्पादन आदि की जानकारी ली और बेहतर कार्य करने और ज्यादा लाभ अर्जित करने की बात कही। इस दौरान बताया गया कि 17 स्व-सहायता समूहों द्वारा 17 एकड़ पर बाड़ी व चारागाह के लिए कार्य किया जा रहा है। इसी तरह सीमेंट पोल निर्माण कार्य स्व-सहायता से कराने के निर्देश कलेक्टर श्री सिंह ने जनपद पंचायत सीईओ को दिए।

पोल्ट्री शेड का किया गया उद्घाटन

कार्यक्रम के दौरान विधायक श्रीमती जांगड़े, कलेक्टर श्री सिंह, श्रीमती मनहर ने गोठान परिसर पर निर्मित दो पोल्ट्री शेड का उद्घाटन किया। इस दौरान शेड के अंदर चूजों की भी जानकारी ली गई। एक शेड में कड़कनाथ और दूसरे शेड में ब्रायलर चूजों का पालन होगा। यहां स्थापित सौर उर्जा से चलित मशीन की भी जानकारी दी गई।

गोठान के भूमि का हो बाड़ी व फसल लेने उपयोग

इस दौरान विधायक श्रीमती जांगड़े, कलेक्टर श्री सिंह व श्रीमती मनहर सहित अन्य जन्यप्रतिनिधियों ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। वर्मी कंपोस्ट निर्माण की स्थिति के साथ बाड़ी में सब्जी उगाने और हरा चारा के रूप में नेपियर उगाने की जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने चार एकड़ पर हरा चारा उगाने के साथ परिसर के रिक्त भूमि में सब्जियों के साथ अन्य फसल उगाने के निर्देश दिए।

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