छोटे बड़े अन्य पर्यटन स्थल हो रहे विकसित, प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ का पर्यटन स्थल गिरौदपुरी धाम क्यों हैं उपेक्षित
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 12 मार्च 2021, छत्तीसगढ़ के महान संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म कर्म तपो महिमा परम पावन भूमि गिरौदपुरी तहसील कसडोल विधान सभा क्षेत्र बिलाईगढ़ जिला बलौदाबाजार में स्थित हैं।
जहां दिल्ली की कुतुंबमीनार से भी ऊंचा भव्य जैत खाम निर्मित छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गई हैं।
पर आज उनकी रख रखाव स्वच्छता की अभाव दिखाई दे रहे हैं। वहां बाऊंड्री अंदर गार्डन हरे भरे उपयोगी फूल सो पत्ती छाया और फलदार वृक्ष चाहूं ओर होना चाहिए था। इसके साथ जैतखाम की सुव्यवस्था स्वच्छता के लिए समय वर रंग रोगन मरम्मत कार्य की भी व्यवस्था करनी चाहिए। जैसे कि अन्य पर्यटन स्थल के अंदर उनके इष्ट देव की जीवन महिमा गाथा की छाया चित्र के साथ महत्वपूर्ण छोटे छोटे पट्टी में जानकारी उनके उपदेश संदेश अमृत अनमोल वचन अंकित उल्लेखित की गई हैं। ऐसे ही बड़ा स्थल होने से जैत खाम नव निर्मित स्थलों में निर्मित होने चाहिए था।
जन्म स्थली पहुंच मार्ग और वहां की स्थल बाउंड्री वॉल से चारों ओर गार्डन और हरे भरे पेड़ पौधे युक्त संत गुरू घासीदास बाबा जी की सतोपदेश की नाम पट्टी भी लगाई जानी चाहिए।
संत गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म स्थली से लगे उनकी धर्मपत्नी सफरा माता की समाधी स्थल तालाब में चारो ओर सौंदर्य करण गार्डन हरे भरे पेड़ पौधे और पानी की बहाव के लिए पक्की नाली निर्माण विकास कार्यों सहित सफरा माता की समाधी स्थल को सुसज्जित रंग रोगन मरम्मत टाइल्स युक्त बनाने चाहिए।
मेला प्रांगण से लगे पांच मंदिर जिसे संत गुरू घासीदास बाबा जी की माता पिता अमरौतिन माता जी और संत मंहगूदास बाबा की ध्यान मंदिर कहा जाता हैं। उन्हें भी जीर्ण क्षीर्ण अवस्था में पड़े हुए हैं, जिन्हें नव निर्मित सुसज्जित आकर्षण बाउंड्री वॉल युक्त बनाने की अत्यंत आवश्यकता है। तपो भूमि स्थल के नीचे की ओर करुणामाता जलाशय बांध को भी चारो ओर सौंदर्य करण गार्डन हरे भरे पेड़ पौधे युक्त पिंचिंग सहित वहां से नीचे किनारे होते चरण कुण्ड अमृत कुण्ड पहुंच अधूरे मार्ग को सुगम बनाने निर्माण विकास कार्य कराने की नितांत आवश्यक है।
अमृत कुण्ड से बघुवा माडा होते छाता पहाड़ पचकुंडी पहुंच मार्ग को सीढ़ी और समतल स्थान पर सी सी रोड कांक्रीट करण निर्माण विकास कार्यों की अत्यंत जरूरत है। संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों की सुविधा के लिए अमृत कुण्ड आस पास में सतनाम धर्मशाला भवन निर्माण कराने की अत्यंत आवश्यकता है।
तपो भूमि में विभिन्न फुटकर दुकानें जुग्गी झोफडी त्रिपाल घास फूस लकड़ी से बने उन्हे पक्की मकाने व्यावसायिक रूप में सुसज्जित बनवाने की आवश्यकता होती रही हैं। पूरे गिरौदपुरी धाम के सभी गुरू घासीदास बाबा जी की महिमा स्थलों पहुंच मार्ग तक प्रतीक पहुंच चिन्ह बोर्ड लगानी चाहिए। इसके साथ बने पूर्व में स्वागत द्वार की रंग रोगन मरम्मत और अन्य आवश्यक स्वागत द्वार बनवाने की जरूरत को ध्यान देने चाहिए।
प्रति दिन हजारों सैकड़ों की संख्या में संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों का आवागमन देश विदेश छत्तीसगढ़ प्रदेश भर के विभिन्न स्थानों से आवागमन होता रहता हैं।
भव्य त्रिदिवसीय वार्षिक गुरू दर्शन मेला प्रति वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष पंचमी से सप्तमी तक आयोजित होता रहता हैं, इस बार 18 से 20 मार्च 2021 तक आयोजित सुनिश्चित की गई हैं।
जिसमें 15 लाखो से अधिक संख्या में संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों का आवागमन विभिन्न स्थानों से होता रहता हैं। छत्तीसगढ़ की अन्य पर्यटन स्थल मेले आयोजन के भांति गिरौदपुरी धाम का आयोजित भव्य त्रिदिवसीय वार्षिक गुरू दर्शन मेला सबसे बड़ी विशाल रूप में भरता रहा हैं।
अन्य पर्यटन स्थल मेले में शासन प्रशासन द्वारा विशेष कर अन्य प्रदेशों से और छत्तीसगढ़ प्रदेश विभिन्न स्थानों गणमान्य नागरिक गण प्रमुखों को आमंत्रित कर बुलाते हैं और उनके रहन सहन खान पान आवागमन की सुव्यवस्था कर सभी खर्च उठाते रहे हैं।
उनके जैसे प्रसिद्ध विश्व में सबसे बड़ा आज और सदियों से पर्यटन स्थल में छत्तीसगढ़ के महान संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म कर्म भूमि गिरौदपुरी धाम मेला को कहा जाता हैं।
जहां बिना आमंत्रित किए भी विभिन्न स्थानों देश विदेश छत्तीसगढ़ प्रदेश भर से संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों का अपार श्रद्धा आस्था विश्वास लिए कई लाखों हजारों की संख्या में आवागमन कर गुरू गद्दी जोड़ा जैतखाम में मांथा टेक आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
जिसके लिए शासन प्रशासन द्वारा विशेष रूप से व्यवस्था खर्च नहीं किया जाता रहा हैं।
तभी संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की कृपा से सतनाम मय के जयघोष पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश भर और देश विदेश में भी गूंजते रहे हैं।
गिरौदपुरी धाम की संपूर्ण विकास को लेकर जो भी यहां के आने वाले बिलाईगढ़ विधान सभा क्षेत्र से विधायक बने और लोक सभा क्षेत्र जांजगीर चांपा से सांसद बने,इसके अलावा मंत्री, राज्य सभा सांसद,बन छोटे बड़े ओहदे पदों में शासकीय अधिकारी बनते रहे हैं।
उनमें कुछ नाममात्र लोग यहां की विकास उत्थान के प्रति थोड़ा सा ध्यान दे और सहयोग कर पाएं हैं।
अधिकतर जन प्रतिनिधियों दिग्गज नेताओं समाज प्रमुखों ने अपना श्रेय लेने समाज पद प्रतिष्ठा के आड़ लेकर अपने निजी स्वार्थ सिद्ध सुख सुविधा भोगी अवसरवादी ही बनते दिखाई देते रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण हुए 21 वर्ष बीत गए 22 वर्ष प्रगति में हैं, तब भी आज अन्य पर्यटन स्थल के अपेक्षा सर्व सुविधा युक्त गिरौदपुरी धाम का विकास कोसो दूर नजर आ रही हैं। मांगे घोषणाएं आश्वासन कागजी कार्यवाही तक सीमित रह गए हैं।
आम जनता संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों संत समाज द्वारा निरंतर गिरौदपुरी धाम की सुव्यवस्था को लेकर विशेष रूप से लिखित मौखिक जन संपर्क के दौरान और मीडिया में समाचार प्रकाशित करा जरूरत समस्याओं को अवगत करा निर्माण विकास कार्यों को पूर्ण कराने मांग किया जाता रहा हैं।
यहां के क्षेत्रीय विधायक,सांसद अन्य दिग्गज नेताओं जन प्रतिनिधियों प्रमुखों और शासन प्रशासन द्वारा विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं।
झूठे वादे घोषणा आश्वासन देकर कागजी कार्यवाही कर अपने श्रेय लूटने में लगे हुए हैं।
सभी जन प्रतिनिधियों समाज प्रमुखों को गिरौदपुरी धाम की विभिन्न गतिविधियों जरूरत मंद निर्माण कार्य कार्यों की आवश्यकता के बारे में जानकारी होते हुए भी नजर अंदाज किया जाता रहा हैं।
आखिर आम जनता क्षेत्रवासियों संत श्रद्धालुओं दर्शनार्थियों पर्यटकों को कब सुव्यवस्था उपलब्ध हो पाएगी ये तो आस बंध कर रह गई हैं, कि कब विकसित होगा, महान संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबा जी की जन्म कर्म तपो महिमा दर्शन भूमि गिरौदपुरी धाम विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की।
छत्तीसगढ़ सरकार की जय हो,सोशल इलेक्ट्रानिक यूटयूब प्रिंट मीडिया के सुर्खियों में बने रहने के लिए।
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