बठेना में पूरे परिवार की संदिग्ध मौत का मामला गूंजा, 2 बार निलंबित हुए भाजपा विधायक, 2 बार स्थगित सदन की कार्यवाही

प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 9 मार्च 2021, छत्तीसगढ़ विधानसभा में ग्राम बठेना में एक ही परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत का मामला विपक्षी भाजपा विधायकों ने जमकर उठाया। विपक्ष ने इस पर स्थगन प्रस्ताव दिया था जिसे विधानसभा उपाध्यक्ष ने अग्राह्य कर दिया। इसके विरोध में विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। सारे विपक्षी भाजपा विधायक विरोध में 2 बार गर्भ गृह में घुस आए और दोनों बार स्वमेव निलंबित हुए। शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि पाटन विधानसभा क्षेत्र के खुरमुड़ा की घटना पर चर्चा का दौर थमा नहीं था कि वहां से 4 किलोमीटर दूर बठेना की घटना हो गई। दलित परिवार के 5 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई। इससे साबित होता है कि यहां दलित वर्ग सूरक्षित नहीं है। क्या यही गड़बो नवा छत्तीसगढ़ है। ऐसी कौन सी परिस्थितियां थीं जो पूरे परिवार को आत्महत्या करना पड़ा? ऐसा हमने अपने जीवन में ना देखा और ना सुना कि कोई बाप पत्नी और बेटियों को तार में बांधकर मारे फिर जला दे। जो सुसाइडल नोट की बात कही जा रही है उसे भी सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। लगता है इस घटना के पीछे कोई गहरा षड़यंत्र है। उस परिवार की जो दो लड़कियां मरीं उनके साथ दुष्कर्म की भी आशंका जताई जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पर हमने जो स्थगन दिया है उसे ग्राह्य किया जाए, तब और विस्तार से बात रखी जा सकेगी। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा कि मां और दोनों बेटियों को ऐसा जलाया गया कि उनकी हड्डियां भी जलकर राख हो गई हैं। मृत पिता व बेटे के दोनों पैर व हाथ जले हुए मिले। पेट में जलने का निशान था। वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मां और उनकी दोनों लड़कियों के लिए चिता सजाई गई और फिर उन्हें तारों से बांधकर जला दिया गया। दोनों लड़कियां जवान थीं। उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म की भी आशंका है। आशंका यह भी है कि पति पत्नी एवं बेटे ने ऐसा कुछ होते देख लिया होगा इसलिए उन्हें भी मार दिया गया। इन पांच लोगों की मौत के पीछे नौ पेज का सुसाइड नोट मिला है। यह कहकर घटना को नया मोड़ दिया जा रहा है कि मरने वाला लड़का जुआड़ी-शराबी था। कल हम सारे भाजपा विधायक बठेना गए थे। मृत परिवार के घर पर ताला लगा हुआ था। मृत परिवार के रिश्तेदार वहां पहुंचे हुए थे। उनके खाने पीने तक की व्यवस्था नहीं थी। उनके खाने पीने का जो प्रबंध हो सकता था हम किए। यह मुख्यमंत्री का क्षेत्र है। वे कम से कम मृतकों के क्रिया कर्म के लिए रिश्तेदारों को सहायता पहुंचवा सकते थे। विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि जो पांच लोग मरे उनके घर के आसपास फसल लगी हुई थी। इससे प्रतीत होता है कि उनके सामने भूख मरने जैसी नौबत नहीं थी। वहां जो 9 पेज का सुसाइड नोट मिला उसे किसी को पढ़ने नहीं दिया जा रहा है। वहां मौजूद मृत परिवार के मुखिया के भाई ने बताया कि यदि सुसाइडल नोट दिखाया जाए तो मैं अपने भाई एवं भतीजे की राइटिंग को पहचान सकता हूं। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि दो-ढाई माह पहले मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र खुरमुड़ा में 5 लोगों की हत्या हुई थी। अब ये बठेना का मामला सामने आ गया। ऐसा लगता है छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया है। भाजपा विधायगण नारायण चंदेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, पुन्नूलाल मोहले, सौरभ सिंह, रजनीश कुमार सिंह, रंजना डिपेंद्र साहू एवं डमरूधर पुजारी ने भी इस घटना पर रोष जताते हुए सारे कामकाज रोककर स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की। विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी ने जब कहा कि स्थगन सूचना अग्राह्य कर दी गई है, सारे भाजपा विधायक विरोध जताते हुए गर्भ गृह में आ गए। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि गर्भ गृह में आने के कारण भाजपा विधायकगण स्वमेव निलंबित हो चुके हैं, इसके साथ ही उन्होंने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन जब दोबारा शुरु हुआ सभापति सत्यनारायण शर्मा ने समस्त भाजपा विधायकों का निलंबन समाप्त कर दिया। भाजपा विधायक फिर विरोध जताते हुए गर्भ गृह में आकर स्वमेव निलंबित हो गए। सभापति ने विपक्षी सदस्यों को सदन से बाहर चले जाने के लिए कहा लेकिन वे गर्भ गृह में ही खड़े रहकर शोर मचाते रहे। इस शोर शराबे के बीच ही कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा ने अपने ध्यानाकर्षण की सूचना पढ़ी और शोरगुल के बीच में ही स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जवाब दिया। शोर शराबे के बीच ही कांग्रेस विधायक व्दय लखेश्वर बघेल एवं कुलदीप जुनेजा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने विधि विषयक कार्य प्रस्तुत किए। शोरगुल नहीं थमते देख सभापति ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
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