Saturday, February 6, 2021

पूर्व निज सचिव छत्तीसगढ़ शासन जीवमंगल सिंह टंडन व प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा के संपादक श्रवण कुमार घृतलहरे द्वारा मा.डॉ.चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष से सौजन्य मुलाकात किया।

पूर्व निज सचिव छत्तीसगढ़ शासन जीवमंगल सिंह टंडन व प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा के संपादक श्रवण कुमार घृतलहरे द्वारा मा.डॉ.चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष से सौजन्य मुलाकात किया।

    प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। 6 फरवरी 2021,
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर। आज 6 फरवरी 2021 दिन शनिवार को "पूर्व निज सचिव छ.ग.शासन जीवमंगल सिंह टंडन" व प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा रायपुर के संपादक श्री श्रवण कुमार घृतलहरे जी डॉ.चरणदास महंत जी छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष से सौजन्य मुलाकात कर जिला -जांजगीर -चाम्पा ग्राम पंचायत तुलसी जनपद पंचायत नवागढ़ का गौठान संबंध में विस्तार से अवगत करवाया गया। और आ रहीं बालाराम दिवाकर गौठान अतिक्रमण कर्त्ता आपराधिक तत्वों के माध्यम से दिक्कतें के बारे में बताया गया कि,उनकी पत्नी,बेटी,एवं भाभी द्वारा महात्मा गांधी मनरेगा अंतर्गत कामगर कारगर मजदूरों को भद्दी-भद्दी गाली गलौज दिया जा रहा हैं। और सरपंच श्री शिवमंगल सिंह टंडन को बालाराम दिवाकर द्वारा जान से तब्बल,फरसे, सब्बल से मारने की धमकियां दी गई हैं।और उनकी राजनैतिक, सामाजिक छवि को धूमिल करने की उद्देश्य से मिथ्या व झूठी खबरें यूट्यूब चैनल, प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से चलवाया गया हैं। और आरोप लगाया गया हैं कि,1किलो सोना,1किलो चांदी एवं 65 लाखों की जायदाद की संपत्ति नुकशान होने की बात कहीं गई हैं।

जांजगीर जिले के संवाददाता,पत्रकार प्रिंट मीडिया, यूट्यूब चैनल पर समाचार चलाने वाले लोगों से यह पूछा जा रहा हैं कि,बालाराम दिवाकर द्वारा किस सोनार दुकानदार से एक किलो सोना,एक किलो चांदी खरीदा गया हैं। वहां की बिल प्रस्तुत करें,ताकि बालाराम दिवाकर की संपत्ति का स्वामी माना जा सकें।          और जब इतना सोना,चाँदी के जेवरातों की मालिकाना हक हैं तो, इनकम टैक्स जरूर पटाता होगा या फिर पटा रहा हैं। उनकी साक्ष्य प्रस्तुत करें। और खबरें चलाने वाले चैनलों,प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया पर समाचार पत्रों में छापने पर रसीदें दिया गया होगा तो वे लोग दिखा देवें।ताकि तुलसी गाँव के लोग भी मान सकें कि,बालाराम दिवाकर करोड़ों की संपत्ति का आसामी हैं।             और जब संपत्ति का मालिक हैं, तो ऐसी क्या आन पड़ी थी कि,गौठान के सरकारी जमीन पर अति -क्रमण करने की जरूरतें आन पड़ी थी। जिन्हें तत्कालीन सरपंच जयगोपाल कश्यप द्वारा सत्र 2007- 8 में 2 लाख 20 हजार रुपये की लागत से गाँव की गौठान के लिए चिन्हांकित करवाकर लाल ईट से बाउंड्री वाल करवाया गया था। उसी जमीन को अतिक्रमण करने का, वे तो किसी भी शहरों पर 3-4 बीएच की बंगलों खरीदने की हस्ती रखते हैं।

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