संचालक मंडल की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में स्वीकृत 29 नवीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जाए। इस संबंध में जिला कलेक्टरों को पत्र जारी किया जा चुका है। इन विद्यालयों में सभी वैकल्पिक व्यवस्था हो गयी है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश के सभी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में स्काउड एण्ड गाईड की गतिविधि शुरू की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा सीसीडी योजना अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 10 आवासीय विद्यालय स्वीकृत किए गए थे। पहले इन आवासीय विद्यालयों में स्वीकृत सीट संख्या 100 थी और यह विद्यालय कक्षा 6वीं से 10वीं तक संचालित हो रहे थे। अब इन आवासीय विद्यालयों में कक्षा पहली से पांचवीं तक को जोड़ा गया है और इससे सीट संख्या 100 से बढ़कर 200 हो जाएगी। मंत्री डॉ. टेकाम ने इन आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और वहां दी जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में बोर्ड परीक्षा को देखते हुए कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं को प्रारंभ करने के संबंध में चर्चा की गयी। निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालय भवन के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागीय एजेंसी के अधिकारियों को दिए गए।
सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास श्री डी.डी. सिंह ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाए। प्रदेश में संचालित इन आवासीय विद्यालयों में अधोसंरचना, शैक्षणिक गतिविधि, परीक्षा परिणाम, स्टाफ आदि के अनुसार रैंकिंग की जाए। कम रैंकिंग वाले विद्यालयों में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जाए। इसके लिए अन्य प्रदेश के अच्छे स्कूलों का अध्ययन भ्रमण किया जा सकता है।
बैठक में संचालक आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास श्रीमती शम्मी आबिदी सहित संचालक मण्डल में शामिल संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।