कोविड 19 महामारी संक्रमण काल में प्रवासियों मजदूरों की रख रखाव के दौरान कोरेनटाईन सेंटर में आने वाले विभिन्न समस्याओं को लेकर सरपंचों ने उठाएं सवाल।
प्रेस छत्तीसगढ़ महिमा बलौदाबाजार। 16 अप्रैल 2021, प्रदेश भर से विभिन्न ग्राम पंचायत के मुखिया सरपंच द्वारा पिछले वर्षो कोविड 19 महामारी संक्रमण के दौरान शासन प्रशासन द्वारा लाकडाउन 144 धारा लागू किया गया था। जिसमें विभिन्न स्थानों के छत्तीसगढ़ प्रदेश भर से अन्य प्रदेश में जीवन यापन करने गए प्रवासियों मजदूरों को सुरक्षित रखने,अनेकों ग्राम पंचायत के शासकीय और अशासकीय स्कूल भवनों को रख रखाव के लिए कोरेनटाईन सेंटर बनाएं गए थे।
जिसके पूर्ण व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई थी,जिनको लेकर आई विभिन्न गतिविधियों समस्याओं से जुड़े मुद्दों कठिन कार्य को विशेष ध्यान रखने विभिन्न स्थानों के ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि एक दूसरे से विचार विमर्श कर रहे हैं। कहते हैं कि हमारे सरपंच साथियों आप सबको पता है कि अभी चर्चा चल रही थी की कोरेनटाईन में 15 वे वित्त आयोग के पैसा खर्च करने आदेश शासन प्रशासन द्वारा हमे देने वाली लगभग सभी इस सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुप के माध्यम से इसका विरोध प्रकट कर रहे है।
लेकिन सुलझे हुए हमारे आदरणीय सरपंच साथियों इसके अलावा भी एक महत्वपूर्ण बात हमारे और आप सभी की समझ में आ रहा है होगा, चूंकि इस बार का कोरोना महामारी संक्रमण काल बहुत घातक है और इसका प्रकोप हम सभी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों में पड़ने वाली है। साथियों हमारे कहने का तात्पर्य यह है कि,स्वास्थ्य विभाग को कोरोना वायरस का तमगा दिया गया और सही भी है। उन्हें उनके काम के अनुरूप सम्मान एवं वेतन दिया जा रहा है,अभी शिक्षक साथियों द्वारा यह मांग किया जा रहा है,तो साथियों क्या इसमे हमारा कोई हक नही पिछले साल हम सबने अपना जान जोखिम में डाल के कोरेनटाईन में प्रवासी मजदूरों का सेवा बहुत ही जिम्मेदारी पूर्वक पूरे किए थे। इस बार भी हम ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को ही यह जिम्मेदारी पूरी करने का आदेश दिया जायेगा,ऐसा सुनने में आ रहा है। इस बार का कोविड 19 महामारी संक्रमण काल बहुत घातक है और भगवान न करे इसके चपेट में हमारे कोई साथी आ जाये तो इसके लिए शासन प्रशासन द्वारा क्या सहयोग हमे मिलेगा। न ही हमे मानदेय दिया जाता है न ही कोरोना वायरस का ईनाम दिया जाता हैं, न ही कुछ मुवावजा दिया जाता है, जबकि सबसे ज्यादा जिम्मेदारी का काम हम ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि सभी लोग करते है। संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा हमारे ऊपर रहता हैं, जिसका दुष्परिणाम बहुत भयानक हो सकता है। यहां तक प्रवासियों मजदूरों का उपहास भी हमे ही झेलना पड़ता है, लड़ाई झगड़ा मार पीट तक का नौबत आ जाता है।
कुल मिला के कोरेनटाईन में मुसीबतों से घिरा हुआ काम है, जिसकी जिम्मेदारी हम पूरा करते हैं। जिसके बदले हमे लोगो के तिरस्कार के अलावा कुछ नही मिलता है,आदरणीय हमारे ग्राम पंचायत के सभी चुने गए सरपंच साथियों एकजुटता हो कर एक आवाज में हमे अपने हक की लड़ाई लड़नी होगी। हम कोरेनटाईन में काम करने से नही मना कर रहे है, लेकिन सरकार को हमारे बारे में भी सोचना होगा। हमे भी सबके अनुरूप मानदेय विकट परिस्थितियों में मुवावजा मिलना चाहिए। बाकी आप सब मुझसे ज्यादा समझदार है ये छोटा सा विचार हमारे मन में आया क्योंकि अपने विचारों को रखने का यह एक खुला मंच है इसलिए आप सबके बीच साझा कर रहा हूं।
उक्त विचार विमर्श किया गया विभिन्न स्थानों के छत्तीसगढ़ प्रदेश भर के सरपंच प्रतिनिधि गणों की प्रमुख समस्याओं मांगो को लेकर सोशल मीडिया पर जन जागरूकता एकजुटता बनाएं रखने के लिए अपने ग्राम पंचायत के मुखिया साथियों से आव्हान किया गया हैं।
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